अतिवृष्टि के कारण नष्ट हुई फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने दिया जिला अधिकारी को ज्ञापन प्रति एकड़ 28000 रुपए की गई मांग
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अतिवृष्टि के कारण नष्ट हुई फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने दिया जिला अधिकारी को ज्ञापन
प्रति एकड़ 28000 रुपए की गई मांग
जाखलौन (ललितपुर) बुंदेलखंड एक ऐसा क्षेत्र है ।जहां पर किसानों की आप बीती बताने की क्या जरूरत नहीं नहीं जरूरत नहीं नहीं क्या जरूरत नहीं नहीं जरूरत नहीं नहीं पड़ती। यहां के किसान कई वर्षों से कुदरत की मार झेलते आ रहे हैं । कभी सूखे की वजह से कभी अतिवृष्टि की वजह से यहां का किसान पूरी तरह से टूट चुका है, बिखर चुका है,अस्वस्थ हो चुका है। लेकिन फिर भी किसान लड़ते हुए इस क्षेत्र के लोगों को दो वक्त की रोटी पैदा करने के लिए दिन और रात मेहनत करते हुए आगे बढ़ रहा है ।लेकिन इस वर्ष भी किसानों का बुरा हाल होआ तकरीवन 2 माह से लगातार बारिश होने के कारण यहां के किसान पूरी तरह से जमीन पर आ खड़े हुए, खाने के लाले पड़ चुके हैं, बैठने को जगह नहीं बची, पहनना कपड़े नहीं है । इसका सबसे बड़ा कारण जो पैसा उनके पास रखा पास रखा उनके पास रखा पास रखा रखा हुआ था। वह पैसा किसानों द्वारा उर्द की खेती में लगा दिया गया। और कुदरत की मार के आगे किसान पूरी तरह से टूट चुके हैं। टूटे हुए किसानों ने अब जिले के लोकप्रिय जिलाधिकारी का दरवाजा खटखटाते हुए एक प्रार्थना पत्र देकर अपने लिए , अपने बच्चों के लिए एवं भविष्य में होने वाली रवि की फसल के लिए मुआवजे की मांग की है गौरतलब हो बीते दिनों हो रही लगतार के चलते जाखलौन व आसपास के क्षेत्र क्षेत्र के क्षेत्र आसपास के क्षेत्र क्षेत्र के क्षेत्र क्षेत्र की पूरी फसल नष्ट हो चुकी हैं। एवं लगातार बारिश के चलते कई गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है । इस स्थिति को देखते हुए जाखलौन के किसान भाइयों ने जिले के लोकप्रिय जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह को एक प्रार्थना पत्र लेकर इस क्षेत्र की बर्बाद हुई फसलों के बारे में अवगत कराया प्रार्थना पत्र में बताया गया है, कि जाखलौन एवं जाखलौन से सटे हुए सभी गांव की फसलें पूर्णता 90%,95% एवं 100% तक नष्ट हो चुकी हैं। ज्ञापन में बताया गया है ,कि प्रति एकड़ 28,000 रुपए के हिसाब से अतिवृष्टि दिलाए जाने की कृपा करें। आगे ज्ञापन में कहा गया है ,कि जहां उर्द और तिली आदि सभी फसलें पूरी तरह से अतिवृष्टि के कारण नष्ट हो चुकी हैं । आगे बताया गया है, कि कस्बा एवं कस्बे से लगे हुए ग्रामीण भुखमरी की कगार पर आ चुके हैं। इसलिए जल्द से जल्द मौका मुआयना करके इन्हें राहत प्रदान की कराई जाए। जिससे आने वाले समय में हम सभी किसान भाई अपनी रवि की फसल भी कर सकें । ज्ञापन पर जाखलौन प्रधान राजेश राजे, कुंवर शैलेंद्र सिंह बुंदेला, प्रवेश शर्मा ,जगदीश झा, गजेंद्र पाल ,भारत सिंह ,प्रमोद कुमार, जग भान सिंह, ईस्वर दास ,सुरेंद्र ,रामलाल,अनन्त राम आदि लोगो के हस्ताक्षर मूजूद रहे।
प्रद्युम्न तिवारी की कलम

अतिवृष्टि के कारण नष्ट हुई फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने दिया जिला अधिकारी को ज्ञापन
प्रति एकड़ 28000 रुपए की गई मांग
जाखलौन (ललितपुर) बुंदेलखंड एक ऐसा क्षेत्र है ।जहां पर किसानों की आप बीती बताने की क्या जरूरत नहीं नहीं जरूरत नहीं नहीं क्या जरूरत नहीं नहीं जरूरत नहीं नहीं पड़ती। यहां के किसान कई वर्षों से कुदरत की मार झेलते आ रहे हैं । कभी सूखे की वजह से कभी अतिवृष्टि की वजह से यहां का किसान पूरी तरह से टूट चुका है, बिखर चुका है,अस्वस्थ हो चुका है। लेकिन फिर भी किसान लड़ते हुए इस क्षेत्र के लोगों को दो वक्त की रोटी पैदा करने के लिए दिन और रात मेहनत करते हुए आगे बढ़ रहा है ।लेकिन इस वर्ष भी किसानों का बुरा हाल होआ तकरीवन 2 माह से लगातार बारिश होने के कारण यहां के किसान पूरी तरह से जमीन पर आ खड़े हुए, खाने के लाले पड़ चुके हैं, बैठने को जगह नहीं बची, पहनना कपड़े नहीं है । इसका सबसे बड़ा कारण जो पैसा उनके पास रखा पास रखा उनके पास रखा पास रखा रखा हुआ था। वह पैसा किसानों द्वारा उर्द की खेती में लगा दिया गया। और कुदरत की मार के आगे किसान पूरी तरह से टूट चुके हैं। टूटे हुए किसानों ने अब जिले के लोकप्रिय जिलाधिकारी का दरवाजा खटखटाते हुए एक प्रार्थना पत्र देकर अपने लिए , अपने बच्चों के लिए एवं भविष्य में होने वाली रवि की फसल के लिए मुआवजे की मांग की है गौरतलब हो बीते दिनों हो रही लगतार के चलते जाखलौन व आसपास के क्षेत्र क्षेत्र के क्षेत्र आसपास के क्षेत्र क्षेत्र के क्षेत्र क्षेत्र की पूरी फसल नष्ट हो चुकी हैं। एवं लगातार बारिश के चलते कई गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है । इस स्थिति को देखते हुए जाखलौन के किसान भाइयों ने जिले के लोकप्रिय जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह को एक प्रार्थना पत्र लेकर इस क्षेत्र की बर्बाद हुई फसलों के बारे में अवगत कराया प्रार्थना पत्र में बताया गया है, कि जाखलौन एवं जाखलौन से सटे हुए सभी गांव की फसलें पूर्णता 90%,95% एवं 100% तक नष्ट हो चुकी हैं। ज्ञापन में बताया गया है ,कि प्रति एकड़ 28,000 रुपए के हिसाब से अतिवृष्टि दिलाए जाने की कृपा करें। आगे ज्ञापन में कहा गया है ,कि जहां उर्द और तिली आदि सभी फसलें पूरी तरह से अतिवृष्टि के कारण नष्ट हो चुकी हैं । आगे बताया गया है, कि कस्बा एवं कस्बे से लगे हुए ग्रामीण भुखमरी की कगार पर आ चुके हैं। इसलिए जल्द से जल्द मौका मुआयना करके इन्हें राहत प्रदान की कराई जाए। जिससे आने वाले समय में हम सभी किसान भाई अपनी रवि की फसल भी कर सकें । ज्ञापन पर जाखलौन प्रधान राजेश राजे, कुंवर शैलेंद्र सिंह बुंदेला, प्रवेश शर्मा ,जगदीश झा, गजेंद्र पाल ,भारत सिंह ,प्रमोद कुमार, जग भान सिंह, ईस्वर दास ,सुरेंद्र ,रामलाल,अनन्त राम आदि लोगो के हस्ताक्षर मूजूद रहे।
प्रद्युम्न तिवारी की कलम



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