सेंट्रल बैंक की एटीएम मशीन खराब होने से ग्रामीण उपभोक्ता परेशान
cnews by pradumn tiwari 9792566299
सेंट्रल बैंक की एटीएम मशीन खराब होने से ग्रामीण उपभोक्ता परेशान
20 दिन से ठप पड़ा जाखलौन में संचालित एटीएम
जाखलौन (ललितपुर) नोटबंदी के बाद पूरे देश में एटीएम से पैसे ना निकलने की खबर कानों में सुनाई पड़ती थी । लेकिन नोटबंदी के बाद लगभग 1 साल बीत जाने को है लेकिन कस्बा जाखलौन में सेंट्रल बैंक कर्मचारियों की मनमानी इस कदर हावी है कि जाखलौन में संचालित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का एटीएम तकरीबन 20 दिन से खराब पड़ा हुआ है। जिसकी सुध लेने वाला कोई भी नहीं है । शासन द्वारा एटीएम एजेंसियों को अलग से सुविधा दी जाती है कि वह दूर-दराज में मौजूद एटीएम को सुचारू रूप से चलाने के लिए उनकी देखरेख करे जिसके लिए एक अलग से बजट पेश किया जाता है लेकिन सरकार के लाखों-करोड़ों सिर्फ एटीएम कर्मचारियों द्वारा और बैंक कर्मचारियों द्वारा अपनी मस्ती में उड़ा दिए जाते हैं इसका जीता जागता उदाहरण कस्बा जाखलौन में देखने को मिलता है जहां पर आए दिन एटीएम खराब होने की खबर कानों में गूंजती है लेकिन इसके सुधार हेतु कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते अगर बीते दिनों की बात करें तो 20 दिन के बाद भी यहां का एटीएम मशीन ना तो सुधार आ गया ना ही उसमें सुधार हेतु कोई कदम उठाए गए इससे यह स्पष्ट होता है कि मोदी सरकार और योगी सरकार का इन कर्मचारियों पर कोई असर नहीं पड़ता है देश के यशस्वी प्रधानमंत्री द्वारा जब दूसरी बार शपथ ली गई थी तब उन्होंने एक नारा दिया था सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास यहां पर सवाल या निशान खड़े होते है आखिर ग्रामीण क्षेत्रों को क्या इस नारे के अंदर नहीं रखा गया। या फिर सिर्फ दिखावे का जुमला था ।क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकों की स्थिति दयनीय ,स्कूलों की स्थिति दयनीय, सड़कों की स्थिति , बेरोजगारी चरम पर इन सबके बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में ध्यान क्यों नहीं दिया जाता है। जहां एटीएम खराब होने के चलते लोग बैंकों में लंबी लंबी कतार के रूप में खड़े होते हैं । एवं जाखलौन से सटे हुए विश्व प्रसिद्ध दशावतार मंदिर, वोट कैनाल ,पंप कैनाल , जैसे दर्शनीय स्थान है। जहां पर बाहर से यात्री लोग आते हैं ,पर्यटक आते हैं लेकिन जब उनको पैसों की जरूरत होती है तब उन्हें यह सुविधा लेने के लिए यहां से वापस 22 किमी ललितपुर को जाना पड़ता है । जिसके चलते पर्यटकों के आवागमन में यह सब से बड़ी बाधा बनने के काम आ रही हैं। गौरतलब हो कि कस्बे में सेंट्रल बैंक का एटीएम खराब होने से ग्रामीण उपभोक्ताओं को बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ा रहा है । मिली जानकारी के अनुसार कस्बे में संचालित पंजाब नेशनल बैंक एवं सेंटर बैंक के दो एटीएम मशीनें लगी हुई थी । लेकिन ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण पंजाब नेशनल बैंक की एटीएम मशीन यहा से वापस चली गई ।अब कस्बे में मात्र सेंट्रल बैंक शाखा जाखलोन की एटीएम मशीन है ।जो पिछले 20 दिन से खराब पड़ी हुई है ।जिससे ग्रामीणों को रुपए निकालने मैं बैंकों के चक्कर लगाने पड़ रहे है ।वहीं बैंक बंद होने की दशा में ग्रामीणों को आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण कारण बैंक प्रबंधक जानबूझकर मशीन को सुधारने में अनदेखी कर रहा है। ग्रामीण उपभोक्ताओं ने जिलाधिकारी से मांग कर सेंट्रल बैंक खराब पड़ी एटीएम मशीन को तत्काल सुधारने हेतु कदम उठाए जाने की मांग की है।
सेंट्रल बैंक की एटीएम मशीन खराब होने से ग्रामीण उपभोक्ता परेशान
20 दिन से ठप पड़ा जाखलौन में संचालित एटीएम
जाखलौन (ललितपुर) नोटबंदी के बाद पूरे देश में एटीएम से पैसे ना निकलने की खबर कानों में सुनाई पड़ती थी । लेकिन नोटबंदी के बाद लगभग 1 साल बीत जाने को है लेकिन कस्बा जाखलौन में सेंट्रल बैंक कर्मचारियों की मनमानी इस कदर हावी है कि जाखलौन में संचालित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का एटीएम तकरीबन 20 दिन से खराब पड़ा हुआ है। जिसकी सुध लेने वाला कोई भी नहीं है । शासन द्वारा एटीएम एजेंसियों को अलग से सुविधा दी जाती है कि वह दूर-दराज में मौजूद एटीएम को सुचारू रूप से चलाने के लिए उनकी देखरेख करे जिसके लिए एक अलग से बजट पेश किया जाता है लेकिन सरकार के लाखों-करोड़ों सिर्फ एटीएम कर्मचारियों द्वारा और बैंक कर्मचारियों द्वारा अपनी मस्ती में उड़ा दिए जाते हैं इसका जीता जागता उदाहरण कस्बा जाखलौन में देखने को मिलता है जहां पर आए दिन एटीएम खराब होने की खबर कानों में गूंजती है लेकिन इसके सुधार हेतु कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते अगर बीते दिनों की बात करें तो 20 दिन के बाद भी यहां का एटीएम मशीन ना तो सुधार आ गया ना ही उसमें सुधार हेतु कोई कदम उठाए गए इससे यह स्पष्ट होता है कि मोदी सरकार और योगी सरकार का इन कर्मचारियों पर कोई असर नहीं पड़ता है देश के यशस्वी प्रधानमंत्री द्वारा जब दूसरी बार शपथ ली गई थी तब उन्होंने एक नारा दिया था सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास यहां पर सवाल या निशान खड़े होते है आखिर ग्रामीण क्षेत्रों को क्या इस नारे के अंदर नहीं रखा गया। या फिर सिर्फ दिखावे का जुमला था ।क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकों की स्थिति दयनीय ,स्कूलों की स्थिति दयनीय, सड़कों की स्थिति , बेरोजगारी चरम पर इन सबके बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में ध्यान क्यों नहीं दिया जाता है। जहां एटीएम खराब होने के चलते लोग बैंकों में लंबी लंबी कतार के रूप में खड़े होते हैं । एवं जाखलौन से सटे हुए विश्व प्रसिद्ध दशावतार मंदिर, वोट कैनाल ,पंप कैनाल , जैसे दर्शनीय स्थान है। जहां पर बाहर से यात्री लोग आते हैं ,पर्यटक आते हैं लेकिन जब उनको पैसों की जरूरत होती है तब उन्हें यह सुविधा लेने के लिए यहां से वापस 22 किमी ललितपुर को जाना पड़ता है । जिसके चलते पर्यटकों के आवागमन में यह सब से बड़ी बाधा बनने के काम आ रही हैं। गौरतलब हो कि कस्बे में सेंट्रल बैंक का एटीएम खराब होने से ग्रामीण उपभोक्ताओं को बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ा रहा है । मिली जानकारी के अनुसार कस्बे में संचालित पंजाब नेशनल बैंक एवं सेंटर बैंक के दो एटीएम मशीनें लगी हुई थी । लेकिन ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण पंजाब नेशनल बैंक की एटीएम मशीन यहा से वापस चली गई ।अब कस्बे में मात्र सेंट्रल बैंक शाखा जाखलोन की एटीएम मशीन है ।जो पिछले 20 दिन से खराब पड़ी हुई है ।जिससे ग्रामीणों को रुपए निकालने मैं बैंकों के चक्कर लगाने पड़ रहे है ।वहीं बैंक बंद होने की दशा में ग्रामीणों को आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण कारण बैंक प्रबंधक जानबूझकर मशीन को सुधारने में अनदेखी कर रहा है। ग्रामीण उपभोक्ताओं ने जिलाधिकारी से मांग कर सेंट्रल बैंक खराब पड़ी एटीएम मशीन को तत्काल सुधारने हेतु कदम उठाए जाने की मांग की है।

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