देवगढ़ बेतवा पुल निर्माण के लिए लामबंद हुई क्षेत्र बासी

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देवगढ़ बेतवा पुल निर्माण के लिए लामबंद हुई क्षेत्र बासी
 ललितपुर जिले के विकास मे मील का पत्थर साबित होगा देवगढ़ बेतवा का पुल
देवगढ़ पर पुल निर्माण होने से भोपाल और झांसी की दूरी में तकरीबन 100 किलोमीटर की आएगी कमी
प्रद्युम्न तिवारी


जाखलौन- जहां एक ओर  सर्वांगीण विकास के लिए पूरे प्रदेश में सड़कों का जाल एवं एक्सप्रेस वे  बनाने की ओर अग्रसर है । तो इकाई ललितपुर जिले की देवगढ़ पर्यटक स्थल जो हिंदू धर्म के साथ -साथ बौद्ध ,जैन धर्म का बिंदु  है। लेकिन देवगढ़ से निकली बेतवा नदी पर पुल ना होने के कारण यह पर्यटन स्थल  आज भी पूरे प्रदेश से अलग-थलग पड़ा  हुआ है । ऐसा नहीं है कई सालों से देवगढ़ बेतवा नदी के पुल निर्माण हेतु मांग अभी की जा रही हो । यह मांग वर्षों से चली आ रही है। सेतु निगम द्वारा दो बार इस पुल की सर्वे भी कर दी गई है उसके बाद कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई है। अगर पुल का निर्माण होता है तो तकरीबन उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश  के तकरीबन 10000 लोगों को सीधे-सीधे रोजगार के साधन उपलब्ध हो सकते हैं ।सरकार को इस ओर गंभीरता से लेकर पुल निर्माण हेतु पहल करनी चाहिए ,ताकि कई लोगों को पुल निर्माण से रोजगार उपलब्ध हो सके। प्रदेश सरकार द्वारा जिले को  विकास की गति पर दौड़ाने पर अब जाखलोन सहित क्षेत्र  की जनता के द्वारा  बेतवा नदी पर पुल बनाने की मांग की जा रही है। इससे पूर्व भी देवगढ़ से निकली बेतवा नदी पर पुल बनाने की मांग लगातार की जा रही थी। बेतवा नदी पर पुल बन जाने से ललितपुर से भोपाल की दूरी 100 किलोमीटर कम हो जाएगी। तो पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने में यह पुल मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही साथ ललितपुर जिले में नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। नदी पर  पुल बन जाने से  उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश की सीमा जुड़ जाने से जाखलौन क्षेत्र के साथ-साथ पूरे जिले के विकास एवं आय के स्रोतों में तेजी हो जाएगी । जाखलौन क्षेत्र की पत्थर की खदाने बंद हो जाने  क्षेत्र लगभग  भुखमरी की कगार पर पहुंच रहा है। जाखलौन क्षेत्र  की जनता को पुल के माध्यम से आवागमन कर अपने रोज़गार तलाश कर सकते है।ग्रामीण लोग जिसके चलते सही जीवन यापन कर सकेंगे । जिस कारण ग्रामीणों द्वारा कुछ हद तक हो रहे पलायन  को भी रोका जा सकेगा। देवगढ पर  पुल बन जाने से  पर्यटन को आपस में जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेगा। जिस प्रकार उत्तर प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार इस देश की विकास के लिए हर एक कदम जो उचित हो उठा रही है उसे देखते हुए यह लगता है कि अगर शासन प्रशासन इस क्षेत्र के विकास को मुद्दे नजर  रखते हुए अगर पुल का निर्माण करवाते हैं तो आवागमन में सुविधा ,पर्यटन को बढ़ावा, क्षेत्र के साथ-साथ साथ-साथ इस क्षेत्र के बेरोजगारों को रोजगार का अवसर प्रदान हो सकेंगे ।क्षेत्रवासी इस मांग को लेकर कालिदास मार्ग लखनऊ से लेकर ललितपुर अधिकारियों के चक्कर लगा चुके हैं। लेकिन जिस प्रकार से उनकी मांग को आज तक खारिज किया जा रहा है ।उससे शासन की मंशा पर कहीं ना कहीं प्रश्नचिन्ह लग जाते  है। शासन को इस ओर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है । जहां पर इस भयानक बेरोजगारी के बीच में एक रोजगार देने का अवसर प्राप्त हो रहा है उसे बनाना चाहिए। शासन में बैठे मंत्री ,अधिकारी यहां तक कि इस क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को क्षेत्र के विकास हेतु इस ओर बड़े जोर से कदम उठाने की जरूरत है । अगर देवगढ़ बेतवा पर पुल का निर्माण हो जाता है तो निश्चित ही हजारों लोगों को रोजगार उपलब्ध होंगे। साथ ही साथ ललितपुर से बीना की जो दूरी है उसे काफी हद तक कम किया जा सकता है । जिस कारण से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा जुड़ जाने से आवागमन आसान हो जाएगा। वही पर्यटकों को बढ़ावा मिलेगा। गौरतलब हो कि देवगढ़ जहां पर पंद्रह सौ वर्ष पुरानी मूर्तियां है ,जहां पर विश्व प्रसिद्ध दशावतार मंदिर है, बारह मंदिर ,नाहर घाटी ,सिद्ध की गुफा एवं जैन धर्म का सबसे पवित्र स्थान है । जहां पर श्री श्री 1008 श्री शांतिनाथ महाराज जी का मंदिर है । वही बौद्ध गुफाएं हैं,पंचमुखी शिवलिंग है। थोड़े आगे आने पर बंदर गुड़ा पंप कैनाल है ,सिद्ध बाबा का मंदिर ऐसे तमाम प्राचीन धरोहर हैं जो दर्शनीय हैं । लेकिन आवागमन ना होने के चलते यहां पर पर्यटकों का आना-जाना कम होता है। जिस कारण से प्राचीन धरोहर होने के बाद भी आज यह क्षेत्र पूरी तरह से अलग-थलग पड़ा हुआ है । हम बात करें जहां शासन सत्ता में बैठे लोग ,ac गाड़ियों में चलने वाले लोग अगर उन गरीब लोगों के बारे में भी सोचते है । जो दो रोटियों के लिए यहां-वहां भटकने को मजबूर हैं । यहां से बड़ी संख्या में लोगों का पलायन हो रहा है। उसका एकमात्र कारण है बेरोजगारी, बेरोजगारी इतनी अधिक मात्रा में है कि मजबूरन लोगों को यहां से पलायन करना पड़ रहा है। जनहित में शासन से मांग करते हुए क्षेत्रीय लोगों ने देवगढ़ बेतवा पर पुल निर्माण निर्माण कराए जाने की मांग की है। जिससे इस क्षेत्र को रोजगार मिले ,पलायन को रोका जा सके एवं पर्यटकों को बढ़ावा मिल सके। जिस प्रकार से यहां पर मौजूद प्राचीन धरोहर को लोग देख सकें।
इनका कहना है
अगर देवगढ़ बेतवा पुल का निर्माण होता है तो यह के उजड़े हुए बाजारों में फिर से रौनक लौट सकती है।
मनोज सैनी,स्थानीय दुकानदार
पुल निर्माण होने से यहाँ पर पर्येतन को बढ़ावा मिलेगा साथ ही रोजगार भी उपलव्ध होंगे।
संतोष योगी,स्थानीय दुकानदार
यहाँ पर पत्थर खदान बंद होने से यहाँ पर बेरोजगारी चरम पर पहुच चुकी है। जिस कारण कई लोग यहाँ से पलायन कर चुके है। अगर देवगढ़ से बेतवा पर पुल निर्माण होता है। तो हजारो लोगों को यहाँ पर रोजगार मिल सकता है। जिससे पलायन किये गए लोंगो की घर बापसी हो सकती है।
कुँवर शैलेन्द्र सिंह बुंदेला,प्रधान प्रतिनिधि जाखलौन
 अगर देवगढ़ बेतवा पर पुल का निर्माण किया जाता है तो पर्यटन के साथ-साथ रोजगार के क्षेत्र में बहुत बड़ी क्रांति होगी।
गोकुल प्रसाद नामदेव ,स्थानीय लोग
खदानों के बंद हो जाने के बाद यहां से रोजगार के लिए लोग इंदौर भोपाल दिल्ली जैसे शहरों में पलायन कर रहे हैं अगर देवगढ़ बेतवा पुल का निर्माण होता है तो यहां पर जो रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे उससे कुछ हद तक पलायन को रोका जा सकता है।
देवी प्रसाद वर्मा ,स्थानीय निवासी
देवगढ़ बेतवा पर पुल का निर्माण होना अति आवश्यक है जब तक पुल का निर्माण नहीं होगा तब तक इतनी पुरानी मूर्तियां होने के बाद भी पर्यटकों का आवागमन संभव नहीं हो सकता नाही रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकते।
मलखान सिंह यादव देवगढ़, स्थानीय निवासी
देवगढ़ बेतवा नदी पर पुल निर्माण से यहां की लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा जो कि रोजगार के रोजगार के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।
जगदीश प्रसाद तिवारी ,स्थानीय निवासी
यहां से हो रहे पलायन को रोकने का सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकता है देवगढ़ बेतवा पुल का निर्माण।
मुकेश साहू, स्थानीय निवासी
जिस प्रकार से इस क्षेत्र की खदानें बंद हो गई जिस कारण से पूरा क्षेत्र लगभग सभी तबके के लोग बेरोजगारी की चपेट में आ गए अगर देवगढ़ बेतवा पर पुल का निर्माण का निर्माण का निर्माण होता है तो पर्यटन को बढ़ावा तो मिलेगा ही सहरसा ललितपुर से मुंगावली के बीच में पड़ने वाले वाले पड़ने वाले वाले सभी गांव का आवागमन एवं रोजगार उपलब्ध हो सकते हैं।
अश्विनी कुमार मिश्रा व्यापार मंडल पदाधिकारी
देवगढ़ बेतवा पुल निर्माण से इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में पर्यटकों का आना-जाना हो जाएगा एवं मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश और उत्तर प्रदेश प्रदेश की सीमा जुड़ जाने से एक दूसरी जगह आना-जाना आसान हो जाएगा हो जाएगा साथ ही साथ साथ पर्यटकों के आने से रोजगार के अबसर भी उपलक्ष होंगे।
अविनाश सोनी, क्षेत्रीय दुकानदार

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